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पिम्पल्स के लिए घरेलू नुस्खे


विश्व के लगभग 90 प्रतिशत से अधिक लोग उनके जीवन के किसी न किसी पड़ाव पर पिम्पल्स (मुंहासों) की समस्या का सामना करते हैं। पिम्पल्स 14 से 30 वर्ष की अवस्था में अधिक देखने को मिलते है| पिम्पल्स (मुंहासे) निकलते समय तकलीफदायक होते है और इनसे छुटकारा पाने में बहुत समय लगता है| पिम्पल्स के लिए घरेलू नुस्खे आजमाकर हम इनसे छुटकारा पा सकते है|

पिम्पल्स का इलाज एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बायोटिकस, विटामिन ए डेरिवेटिव और टॉपिकल एंटीसेप्टिक द्वारा किया जाता है| मुँहासे के इलाज के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं बेंज़ोयल पेरोक्साइड और सैलिसिलिक एसिड हैं।

इन दवाओं के सबसे आम दुष्प्रभावों में त्वचा में जलन, सूखापन और लालिमा शामिल हैं। इनसे कभी-कभी गंभीर एलर्जी भी हो सकती है।

इसलिए जहाँ तक संभव हो हमे घरेलू नुस्खे अपनाकर और अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके इनका इलाज़ करने का प्रयास करना चाहिए|

जीवनशैली में बदलाव की बात करे तो सबसे पहले, हमें बहुत सारा पानी पीना शुरू कर देना चाहिए और सप्ताह में कम से कम 4-5 दिन लगभग 30 मिनट व्यायाम करना चाहिए। यह हमारे शरीर को स्वाभाविक रूप से डिटॉक्सिफाई करने में मदद करेगा और मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाएगा जिससे आपके पिंपल्स होने की संभावना कम हो जाएगी। इसके साथ-साथ पौस्टिक भोजन का सेवन पिम्पल्स की रोकथाम में अहम् भूमिका निभाता है|

इसके अलावा, समय-समय पर अपने चेहरे को साधारण पानी से धोने की आदत बनाएं। यह आपके चेहरे से गंदगी को हटा देगा और धूल के कणों को आपके छिद्रों के अंदर जमा होने से रोकेगा। इससे आपकी त्वचा को साँस लेने का मौक़ा मिलेगा|

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इससे पहले कि हम इन घरेलू उपचारों के बारे में जानें, हम पिंपल्स होने के कारणों को जानते है।

1. अनुवांशिकता

हालांकि, किसी भी जीन को हम मुंहासों के लिए जिम्मेदार नहीं मान सकते हैं, फिर भी इसे अनुवांशिक माना जा सकता है | इसका कारण यह है कि कुछ परिवारों के लोगो की त्वचा तेलीय होती है| ऑयली स्किन वाले लोगो को  मुंहासे अधिक होते है|

2. हार्मोनल परिवर्तन

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है शरीर में कुछ हार्मोनल बदलाव होते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के गर्भावस्था, मासिक धर्म के समय और रजोनिवृत्ति के समय। हार्मोनल चेंज पिम्पल्स होने का एक बड़ा कारण है|

3. कॉस्मेटिक्स का अधिक इस्तेमाल

लम्बे समय तक अत्यधिक मेकअप लगाए रहने से भी पिम्पल्स अधिक हो सकते है| कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल में हमे कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए|

सबसे पहले, हमे कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल में गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करना चाहिए| खरीदने से पहले कॉस्मेटिक्स के इंग्रेडिएंट्स की जाँच कर लेनी चाहिए|

रात में सोने से पहले मेकअप को गुलाब जल या क्लींजिंग मिल्क की मदद से अच्छे से साफ करना चाहिए।

4. फूड हैबिट्स

डेरी उत्पाद, फ़ास्ट फ़ूड, व्हे प्रोटीन एवं अत्यधिक तला-भुना खाने से भी पिम्पल्स हो सकते है| इसलिए, कम से कम पिम्पल्स ख़त्म होने तक इनके सेवन से परहेज करना चाहिए|

5. तनाव

पिंपल्स पर तनाव के सटीक प्रभाव को जानना अभी भी शोध का विषय है| लेकिन केस स्टडीज बताती हैं कि तनाव के कारण हमारे शरीर में होने वाले बदलाव पिंपल्स का कारण बन सकते हैं| साथ ही साथ पहले से मौजूद पिम्पल्स और अधिक बढ़ सकते है|

पिंपल्स के लिए प्रभावी घरेलू नुस्खें

1. चेहरे पर बर्फ लगाना

पिम्पल्स से छुटकारा पाने के लिए बर्फ एक बड़ी राहत देता है। यह सूजन को कम करता है| यह लालिमा को भी काफी हद तक कम करता है। यह पिम्पल्स के लिए एक कारगर घरेलू उपचार है|

  • पिम्पल्स पर इसे लगाने के लिए सबसे पहले अपना चेहरा साफ़ करे|
  • फिर बर्फ के टुकड़ो को एक पतले कपडे या पेपर टॉवल में लपेटकर सीधे पिम्पल पर एक मिनट तक लगाए|
  • इससे पिम्पले द्वारा होने वाली सूजन कम हो जाएगी और दर्द में भी राहत मिलेगी।
  • यदि आपका पिम्पल बड़े आकार का है तो कुछ और समय इसे अपने चेहरे पर लगाए। इसे दोबारा 4-5 मिनट के अंतराल पर लगाए|

नोट- यह ब्लैकहेड्स के लिए कारगर नहीं है।

2. टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल का उपयोग आजकल कई पिम्पल/एक्ने ट्रीटमेंट क्रीम में किया जाता है, जो इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण होता है| आप इसे सीधे भी उपयोग कर सकते हैं।

  • टी ट्री ऑयल की एक बूंद ले और इसे सीधे पिम्पल वाली जगह पर लगाए।
  • इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर इसे साफ कॉटन से साफ करें।

आप इसे एलोवेरा जेल के साथ भी इस्तेमाल कर सकते है|

  • इसके लिए आधे चम्मच एलोवेरा जेल के साथ, कुछ बूँदे टी ट्री ऑयल की मिलाकर चेहरे पर लगाए|
  • इसे कुछ देर सूखने दें और सामान्य पानी से चेहरा धो लें।
  • अच्छे परिणामों के लिए इसे सप्ताह में 3-4 बार आज़माएं।

3. ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स सीबम के स्राव को कम करता है। इसके अलावा, इसमें रोगाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो मुंहासों की समस्या को रोकने में मदद करते हैं।

ग्रीन टी को कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है|

  • आप इसे उबालकर और ठंडा कर सीधे चेहरे पर लगा सकते है|
  • यह टी ट्री ऑयल के साथ मिलाकर मुंहासों पर लगाया जा सकता है|
  • शहद के साथ मिलाकर लगाए जाने पर भी यह पिम्पल्स को कम करता है|

4. शहद और दालचीनी

शहद और दालचीनी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। दालचीनी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इसे पिंपल्स के लिए एक आदर्श घरेलू उपचार बनाता है। इसलिए शहद और दालचीनी पिम्पल्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करते हैं|

इसे लगाना काफी सरल है|

  • तीन चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी मिलाएं और इसका पेस्ट बनाएं।
  • सोने से पहले पेस्ट को मुंहासों पर लगाएं और रात भर छोड़ दें।
  • सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
  • इसे हफ्ते में 3-4 बार या जरूरत के अनुसार लगाएं।

5. एलोवेरा से मॉइश्चराइज करें

एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया के विकास पर नियंत्रण रखता है।

इसके अलावा, चेहरे पर बर्फ लगाने और पिम्पल्स के अन्य उपचार के बाद त्वचा को मॉइस्चराइजिंग की आवश्यकता होती है। एलोवेरा त्वचा को मॉइस्चराइज करने का कार्य करता है|

  • बेहतर परिणाम पाने के लिए इसमें 2-3 पुदीने (मिंट) की पत्तियाँ भी डाल सकते है|
  • इसे पिम्पल्स वाली जगह लगाए जहाँ पहले ऑन स्पॉट पिम्पल ट्रीटमेंट किया है|
  • इसे 15-20 मिनट या रात भर छोड़ दे| बाद में पानी से चेहरा धो ले|

6. नारियल का तेल

नारियल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसमें विटामिन ई (हालांकि अपेक्षाकृत कम मात्रा में लगभग 50 पीपीएम) है जो चेहरे के धब्बों के इलाज में भी मदद करता है। इसके अलावा, नारियल तेल त्वचा को नमीयुक्त और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है और त्वचा के संक्रमण से भी बचा सकता है।

इसका इस्तेमाल बहुत ही सरल है|

  • सबसे पहले नारियल के तेल की कुछ बूंदों में थोड़ा शहद मिलाएं।
  • फिर इसका एक अच्छा पेस्ट बनाएं।
  • इसका पेस्ट अपने चेहरे पर लगाएं।
  • 15-20 मिनट लगाने के बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।

7. लहसुन

लहसुन में एलिसिन होता है, जो एंटी-बैक्टीरियल के रूप में काम करता है। यह बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। यह पिंपल्स के लिए एक घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके हाइड्रोक्लोरिक अर्क का उपयोग एंटी-एक्ने जेल के निर्माण में किया जाता है।

  • आप आवश्यकतानुसार लहसुन का पेस्ट तैयार कर सकते हैं।
  • थोड़ा-सा शहद और कुछ बूँद पानी मिलाए ताकि आसानी से इसका मिश्रण तैयार हो जाए।
  • इसे चेहरे पर लगाए और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें या जब तक यह सूख न जाए।
  • फिर चेहरे को सामान्य पानी से धो लें।

8. कच्चे पपीते का रस

कच्चे पपीते में विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है और यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। इसमें बायोफ्लेवोनॉइड्स की भरपूर मात्रा होती है जो बैक्टीरिया को कॉलोनी बनाने से रोकने में मदद करते हैं। यह पिम्पल्स के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय है।

  • कच्चे पपीते का रास निकालकर सीधे मुंहासों पर लगाएं|
  • इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें| फिर इसे रुई से साफ करें।

9. हल्दी

हर कोई हल्दी के औषधीय मूल्यों से अवगत है, इसलिए इसे किसी भी परिचय की आवश्यकता नहीं है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और हीलिंग गुण होते हैं। इसलिए इसका उपयोग पिंपल्स के लिए एक घरेलू उपचार के रूप में किया जाता है। इसके आलावा, इसमें कर्क्यूमिन होता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी के साथ-साथ एंटी-माइक्रोबियल गुणों को भी दर्शाता है जो इसे मुहांसों के इलाज में प्रभावी बनाता है।

इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया बहुत ही सरल है|

  • इसमें पानी की कुछ बूँदे मिलाकर सीधे मुंहासों पर लगाए और 15-20 मिनट बाद धो लें|
  • आप इसका इस्तेमाल फेसपैक बनाने के लिए भी कर सकते है|

10. टमाटर

टमाटर विटामिन सी, विटामिन के, और अन्य आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। यह एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है। मुंहासों के उपचार के लिए इसका प्रयोग बहुत फायदेमंद है।

11. मुल्तानी मिट्टी

मुल्तानी मिट्टी का सौंदर्य उत्पादों में बड़ा महत्व है | यह त्वचा की गहराई से सफाई करती है। इसी कारण से कई फेस पैक में इसका उपयोग किया जाता है। यह हमारी त्वचा से अतिरिक्त सीबम को सोखता है और त्वचा के छिद्रों को साफ करने में मदद करता है। इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं और यह हमारी त्वचा पर बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद करता है।

  • इसे सीधे इसका पेस्ट बनाकर या अन्य सामग्री जैसे नीम के पत्ते, हल्दी और शहद के साथ भी लगाया जा सकता है।
  • इसके मास्क के संकुचन गुण ब्लैकहेड्स से भी राहत देते हैं।

12. नींबू

नींबू की साइट्रस प्रकृति बैक्टीरिया को बढ़ने नहीं देती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद फ्लेवोनोइड्स में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह पिंपल के इलाज के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय है।

  • इसे इस्तेमाल करने के लिए एक छोटी कटोरी में आधा नींबू निचोड़ें और इसमें कुछ बूंदें पानी की डालें।
  • सीधे रुई की मदद से पिंपल्स पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर धो लें।
  • अगर आपको त्वचा में जलन महसूस होती है तो आप पानी की कुछ और बूंदों को मिलाकर इसकी कंसंट्रेशन को कम कर सकते हैं।
  • फिर भी जलन बनी रहती है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

13. बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। जो इसे मुंहासे के इलाज के लिए फिट बनाता है। लेकिन बेकिंग सोडा के अधिक उपयोग से त्वचा में सूखापन हो सकता है और यह सूर्य की किरणों के प्रति संवेदनशील है। इसलिए इसका उपयोग अक्सर नहीं किया जाना चाहिए। मैं इसके बजाय अन्य प्राकृतिक अवयवों के उपयोग का सुझाव दूंगा।

इसका इस्तेमाल अन्य स्पॉट ट्रीटमेंट के समान ही किया जाता है।

  • इसमें पानी मिलाकर इसका पेस्ट बनाए और सीधे रुई की मदद से पिम्पल्स पर लगाए|
  • 15-20 मिनट बाद इसे धो लें।

14. सेब का सिरका

इसमें कई सहायक बैक्टीरिया होते हैं। सेब का सिरका में एसिटिक एसिड और मैलिक एसिड पिंपल पैदा करने वाले बैक्टीरिया (प्रोपियोबैक्टीरियम एक्ने) के विकास को रोकने में मदद करता है|

  • इसके इस्तेमाल के समय ध्यान रखें कि यह त्वचा को जला सकता है।
  • इसलिए इसे चेहरे पर लगाने से पहले 1: 3 अनुपात (1 भाग सेब का सिरका और 3 भाग पानी) में पानी के साथ मिला लेना चाहिए।
  • संवेदनशील त्वचा के लिए, इसमें अधिक पानी मिलाया जा सकता है।
  • इसे आधा मिनट से ज्यादा चेहरे पर न लगाए| आधा मिनट बाद इसे पानी से धो दे।
  • इसके अलावा, इसका इस्तेमाल गंभीर मुँहासे पर प्रभावी नहीं है।

15. नीम

नीम का तेल त्वचा के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि यह विटामिन ई, ट्राइग्लिसराइड्स, फैटी एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। हालांकि, मनुष्यों पर शोध के लिए कोई पर्याप्त डेटा नहीं है। यह मुँहासे के इलाज में प्रभावी है।

  • इसे सीधे रुई के द्वारा पिंपल्स पर लगाया जा सकता है।
  • 20 मिनट बाद इसे गुनगुने पानी से धो ले |

16. सेंधा नमक (सेंधा नमक)

सेंधा नमक में मौजूद मैग्नीशियम हार्मोन को संतुलित करता है और पिंपल्स होने के खतरे को कम करता है। इसके अलावा, यह डेड स्किन सेल्स को साफ करता है और त्वचा को सांस लेने में मदद करता है| जिसके परिणामस्वरूप मुँहासे कम हो जाते हैं। यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और कीटाणुनाशक है।

  • पिम्पल्स के लिए एक कप गर्म पानी में 2-3 चम्मच सेंधा नमक मिला लें|
  • इसे अच्छी तरह मिला ले और उसमे एक कपड़ा डुबोएं|
  • अब इस कपडे को अपने पूरे चेहरे पर फैला लें और 4-5 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें|
  • पानी की गर्माहट का ख्याल रखे| पानी ना ही ज्यादा गर्म और ना ही ज्यादा ठंडा होना चाहिए|

17. अरंडी का तेल

अरंडी के तेल में जीवाणुरोधी गुण होते हैं और यह पिंपल्स को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, दावे का समर्थन करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। लेकिन लोग अभी भी इसका उपयोग करते हैं और परिणाम प्राप्त करते हैं।

  • जैसा कि यह गाढ़ा है इसलिए इसे अन्य तेलों जैसे नारियल तेल या जैतून के तेल के साथ मिलाया जाना चाहिए।
  • आपको इसके प्रयोग से पहले अपनी त्वचा को साफ करना चाहिए।
  • इसे लगाने के 5-10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो ले या रात भर छोड़ दें|

18. चंदन

यह सुंदर त्वचा के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक और विश्वसनीय सामग्री है। यह पिम्पल्स, काले धब्बे, ब्लैकहेड्स, झाईं आदि के लिए फायदेमंद है|

यह अधिकांश सौंदर्य उत्पादों में आवश्यक रूप से पाया जाने वाला तत्व है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक गुण होते हैं|

हमे चन्दन पाउडर का चयन करते समय उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अधिकांश कंपनियां इसमें मुल्तानी मिट्टी की मिलावट कर रही है| इसके लिये आप पंसारी से चन्दन की लकड़ी खरीदकर खुद इसका पाउडर बना सकते है|

  • आप इसे शहद, हल्दी और गुलाब जल में मिलाकर फेस पैक बनाकर अपनी त्वचा पर लगा सकते हैं।
  • पके हुए पपीते के दो भाग में एक भाग चन्दन पाउडर मिलाकर फेसपैक भी बनाया जा सकता है|

आप घर पर भी एक अच्छा एक्ने पेस्ट बना सकते है|

घरेलू एक्ने पेस्ट

आवश्यक सामग्री

  • पका हुआ पपीता                    2-3 टुकड़े
  • पका हुआ केला                      2-3 टुकड़े
  • एलोवेरा जेल                          1-2 बड़ा चम्मच ताजा निकाला हुआ
  • चिरोंजी                                  5-10 बीज
  • बादाम                                    2-3 बीज
  • शहद                                     1 बड़ा चम्मच
  • मुल्तानी मिट्टी                          2-3 चम्मच

पेस्ट बनाने की विधि

  • पके पपीते के 2-3 टुकड़े लें|
  • इसमें पके केले की बराबर मात्रा मिलाएं|
  • अब इसमें ताज़ा निकाला हुआ एलोवेरा का 1-2 चम्मच या बाज़ार में उपलब्ध एलोवेरा जेल मिलाएं।
  • उसके बाद, 5-10 चिरौंजी के बीज (पिसे हुए) डालें|
  • फिर 2-3 बादाम के बीज (पिसे हुए) डालें|
  • इसमें 1 बड़ा चम्मच शहद मिलाएं।
  • इसमें 2-3 चम्मच मुल्तानी मिट्टी पाउडर मिलाएं।
  • सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाए और एक महीन पेस्ट बनाने के लिए गुलाब जल की कुछ बूंदें मिलाएं।

पिम्पल्स अधिक होने पर आप इसमें चंदन मिला सकते हैं।

आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सामग्री के अनुपात को बदल सकते हैं। लेकिन मुल्तानी मिट्टी ज्यादा न डालें क्योंकि इससे पेस्ट गाढ़ा हो सकता है|

बेहतर परिणाम पाने के लिए इसे एक हफ्ते तक प्रतिदिन लगाएं। प्रतिदिन ताजा पेस्ट बनाए तो बेहतर होगा|

नोट: इस पेस्ट को लगाने से पहले पिंपल पर बर्फ लगाने से बेहतर परिणाम मिलेंगे|

ये उपाय भी आजमाए

1.बर्फ द्वारा ट्रीटमेंट

1-2 मिनट के लिए पिंपल पर बर्फ (सूती कपड़े में लपेटकर) लगा सकते हैं। यह सूजन को कम करेगा और आपको अच्छा महसूस कराएगा।

2. स्पॉट ट्रीटमेंट

यहां आप निम्नलिखित स्पॉट उपचार में से किसी एक को कर सकते हैं।

टी ट्री ऑयल स्पॉट ट्रीटमेंट

इसके लिए आप टी ट्री ऑयल को सीधे पिम्पल पर लगा सकते हैं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ सकते हैं और फिर रुई से साफ कर सकते हैं।

नींबू और शहद द्वारा स्पॉट ट्रीटमेंट

ऐसा करने के लिए आप नींबू की 3-4 बूंदें ले सकते हैं और इसमें आधा चम्मच शहद मिला सकते हैं। इसे पिंपल्स पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं और फिर कॉटन से साफ कर लें।

आलू का रस और दालचीनी पाउडर स्पॉट ट्रीटमेंट

आधा चम्मच आलू का रस ले और इसमें  एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएं | इसे 15-20 मिनट के लिए पिम्पल पर लगाए और कॉटन से साफ़ कर दे|

कच्चे पपीते के रस द्वारा स्पॉट ट्रीटमेंट

कच्चे पपीते का रस ले और पिंपल पर 15-20 मिनट के लिए लगाएं और फिर कॉटन से साफ कर लें।

3. हीलिंग पार्ट

स्पॉट ट्रीटमेंट के बाद, आपको अपनी त्वचा को हील करने की आवश्यकता है। उसके लिए, आपको एलोवेरा और 2-3 पुदीने की पत्तियों( पेस्ट) को अच्छे से मिलाकर पिम्पल्स पर लगाना है | इसे रात भर लगा रहने दे | सुबह साफ़ पानी से मुँह धो ले|

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1। क्या हम रातों रात पिंपल्स से छुटकारा पा सकते हैं?

उत्तर: नहीं, हम रातों रात पिंपल्स से छुटकारा नहीं पा सकते हैं। हालांकि हम सूजन को कम कर सकते हैं ताकि उस पिम्पल को स्पॉट करना मुश्किल हो।

Q2। क्या टूथपेस्ट पिंपल्स के स्पॉट ट्रीटमेंट के लिए अच्छा है?

उत्तर: इससे मदद से ज्यादा नुकसान होगा। यह कभी-कभी आपको फायदा दे सकता है लेकिन यह अस्थायी होगा। इस तथ्य का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है|

Q3। हमें पिम्पल क्यों नहीं छूना या फोड़ना चाहिए?

उत्तर: पिम्पल को छूने या पोक करने से बैक्टीरिया आस पास की त्वचा पर फ़ैल जाएगा और अधिक पिम्पल करेगा|

Q4। पिंपल्स क्यों बनते हैं?

उत्तर: पोर्स मृत त्वचा, गंदगी और सीबम से अवरुद्ध हो जाते हैं जिससे सूजन हो जाती है और उसमे पस(मवाद) बन जाता है।

Q 5। क्या आइस ट्रीटमेंट सूजन को कम करने के लिए प्रभावी है?

उत्तर: हां, बर्फ उपचार सूजन और लालिमा को कम करता है।

Q6। पिम्पल्स से छुटकारा पाने के लिए हमें अपने आहार में क्या शामिल करना चाहिए?

उत्तर: इसके लिए हमे जिंक, विटामिन ए और ई, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन करना चाहिए| हम टमाटर, पूरी-गेहूं की रोटी, ब्लूबेरी, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, खुबानी, और नट्स, आदि भोजन में शामिल कर सकते हैं।

Q 7। जब हमें पिंपल्स हों तो हमें क्या नहीं खाना चाहिए?

उत्तर: हमें ट्रांस वसा, संतृप्त वसा और डेयरी उत्पादों को खाने से बचना चाहिए।